आवाज़ है तेरी


तरसती आँखों को आस है तेरी,
भटकती राहों को तलाश है तेरी|

फिराक के सबब का इल्म मुझे नहीं,
कैसी मजबूरी, हमराज़ है तेरी|
भटकती राहों को तलाश है तेरी|

न समझ मुकद्दर को खुदा,
हर अंजाम की आगाज़ है तेरी|
भटकती राहों को तलाश है तेरी|

ख्वाबों की कीमत सांसों से देने वाले,
जिंदिगी बेंचती है जिसे, लाश है तेरी|
भटकती राहों को तलाश है तेरी|

इतर मत तारीफ-ऐ-ग़ज़ल पे ‘वीर’
एहसास उसके हैं, बस आवाज़ है तेरी|

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: