वही ख्वाब मेरा


वफ़ा की वादी में, सुहाना बसेरा,
गई रात आया, वही ख्वाब मेरा|

ना मुश्किलों का शिकंजा हो,
ना हालातों का पेहरा,
गई रात आया, वही ख्वाब मेरा.

दिल-ऐ-बेकरार को और कोई आरजू नहीं,
मांगा हर पल बस साथ तेरा,
गई रात आया, वही ख्वाब मेरा|

ढल गयी शब-ऐ-फ़िराक,
आ गया मिलन का सवेरा,
आखिर सच ही हुआ, वही ख्वाब मेरा|

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