हम बच्चों से हो गए


खामोश हम नाचते रहे ख्यालों के साथ|

कुछ ख्यालों को ख्वाब के लिबास दे डाले|
कुछ ख्यालों को हसरतों का मुखोटा|

कुछ खमोशियों को इकरार के नज़र कर दिया|
कुछ रास्तों को मंजिल मान लिया|
कुछ मुस्कुराहटों को मौसिकी|

नज़रों के खेल को न्योछावर कर दिया ज़ुबान पर|
लम्हों को यादों से सहेज के अपने सिने में दफन कर दिया|

सवालों को रास्तों में कहीं फेक दिया|
हम बच्चों से हो गए…

Advertisements

One Response

  1. बहुत बढ़िया!!

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: