एक दिल है


एक दिल है, और हसरत कितनी|
एक खुदी है, और बरकत कितनी|

एक इश्क है, और हरकत कितनी|
एक शख्स है, और कुर्बत कितनी|

एक बिस्तर है, और सिलवट कितनी|
एक नींद है, और करवट कितनी|

एक मरासिम है, और फुर्क़त कितनी|
एक दरवाज़ा है, और खटखट कितनी|

एक जिंदिगी है, और फुर्सत कितनी|
एक दुनिया है, और नफरत कितनी|

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4 Responses

  1. bahut achi kavita he bhai saheb

    एक जिंदिगी है, और फुर्सत कितनी|
    एक दुनिया है, और नफरत कितनी|

    http://kavyawani.blogspot.com

    shekhar kumawat

  2. bahut khoobsoorat bhaav

  3. एक बिस्तर है, और सिलवट कितनी|
    एक नींद है, और करवट कितनी|

    सुंदर कविता …..

  4. एक बिस्तर है, और सिलवट कितनी|
    एक नींद है, और करवट कितनी|
    वाह बहुत खूब
    सुन्दर

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