दोस्तों


कहना है तो आवारा मुझे कहो दोस्तों,
आओ मेरे साथ थोडा और बहो दोस्तों|

दोस्ती की है तो संभालो गिरते हुए,
बस देखते ना मुझे रहो दोस्तों|

मेरी फितरत तुम्हे ना लग जाए कहीं,
तुम भी ना लम्हा लम्हा मरो दोस्तों|

है इसकी अदा हमें तड़पाने की,
हौले हौले गम सहो दोस्तों|

क्या सब लाचार हैं तुझसे वीर,
कभी कुछ तो करो दोस्तों|

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3 Responses

  1. माशाह अल्लाह . क्या कहने है जनाब

  2. कहना है तो आवारा मुझे कहो दोस्तों,
    आओ मेरे साथ थोडा और बहो दोस्तों|

    -बहुत उम्दा!!

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