कब आओगे

कब आओगे तुम आवाज़ लेकर,
इंतज़ार में,
ख़ामोशी शोर करती है|

बेचैन हूँ, बेखबर हूँ यहाँ|
मिटने का इरादा है,
दुनिया ज़ोर करती है|

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