दरवाज़े सारे बंद हैं

कोई नहीं आएगा यहाँ,
इजाज़त नहीं हैं|
आज दरवाजे सारे बंद हैं …

अंधेरा है ज़हन में,
कमरे की रौशनी मद्धम है …
आज दरवाजे सारे बंद हैं …

मरासिम सारे यहाँ,
सर झुका के खड़े हैं|
आज इनका सामना मुझसे है|
आज ये जवाब देंगे अपने खोखलेपन का …
आज दरवाजे सारे बंद हैं …

मेरी खुदी आज हाकिम है इनके जवाबों का..
इनकी जंजीरें आज इनके पैरों में है ..
मुझ तक हाथ बढ़ाने की हिम्मत नहीं है इनमे..
आज दरवाजे सारे बंद हैं …

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