मैं तुम और ये ज़माना

सब बे-मतलब सा लगता है,
मैं तुम और ये ज़माना|

कोई किरदार पढ़ा सा लगता है,
मैं तुम और ये फ़साना|

वजूद घुल सा गया है,
मैं तुम और ये वीराना|

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