लफ्ज़ उधार दे दो

लबों को इज़हार दे दो,
कुछ लफ्ज़ उधार दे दो|

थम गई जिंदिगी क्यों,
वक्त को इंतज़ार दे दो|
कुछ लफ्ज़ उधार दे दो..

थक गया इसको ढोते-ढोते,
मेरी लाश को मज़ार दे दो|
कुछ लफ्ज़ उधार दे दो..

खलिश जो ना जाए उम्र भर,
ऐसा एक दर्द यादगार दे दो|
कुछ लफ्ज़ उधार दे दो..

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