वक़्त का कतरा

अब थमता हूँ, तब थमता हूँ,
तुम्हारी याद आती है,
वक़्त का कतरा जब थामता हूँ|

भुला देता है सब जो एक पल में,
उस शख्स का पता नहीं जानता हूँ..
तुम्हारी याद आती है,
वक़्त का कतरा जब थामता हूँ|

किसी का शौक़ है, किसी की दिल्लगी,
में तो मोहब्बत को रब मानता हूँ..
तुम्हारी याद आती है,
वक़्त का कतरा जब थामता हूँ|

अब चैन मिलेगा, तब चैन मिलेगा,
वक़्त हाथों से फिसल जाता है,
आदमी वक़्त को कब थामता है !!

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